ខ្លឹមសារការប្រកាស
आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण वनलाइनर तथ्य ✍️ - मैसूर को जीतने की खुशी में आयरलैंड के लॉर्ड समाज ने वेलेजली को मार्क्विस की उपाधि प्रदान की। युद्ध के बाद अंग्रेजों न मैसूर की गद्दी पर पुनः अड्यार वंश के एक बालक कृष्णराज को बिठा दिया तथा कनारा, कोयंबटूर और श्रीरंगपट्टनम को अपने राज्य में मिला लिया। ✍️ -बेगम समरू (1750-1836) ने मेरठ के निकट सरधना में एक अति प्रसिद्ध चर्च का निर्माण करवाया था। बेगम समरू के पति एक यूरोपीय वाल्टर रेनहार्ट साम्ब्रे थे, जिन्होंने कई रियासतों को सैन्य सेवाएं प्रदान की थी। ✍️ -महाराणा रणजीत सिंह का जन्म 13 नवंबर 1780 को सुकरचकिया मिसल के मुखिया महासिंह के घर हुआ था। महाराजा रणजीत सिंह और अंग्रेजों के बीच 25 अप्रैल 1809 को अमृतसर की संधि हुई। रणजीत सिंह ने 1818 ई. में मुल्तान, 1819 ई. में कश्मीर और 1834 ई. में पेशावर को जीत लिया। ✍️ -1798 ई. में जमानशाह ने पंजाब पर आक्रमण किया। 1799 ई. में रणजीत सिंह ने तत्काल लाहौर पर अधिकार कर लिया तथा उसे अपनी राजधानी बनाया। जमानशाह ने रणजीत सिंह को राजा की उपाधि दी और लाहौर का अपना सूबेदार मान लिया। 1839 ई. में रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद उसका पुत्र खड्ग सिंह सिंहासन पर बैठा। ✍️ - चिलियांवाला का युद्ध 13 जनवरी, 1849 ई. को लड़ा गया। इस युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व लॉर्ड गफ ने किया तथा सिख सेना शेरसिंह के नेतृत्व में लड़ी। यह युद्ध अनिर्णीत समाप्त हुआ। इस युद्ध के समय भारत का गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी था। ✍️ - महाराजा दलीप सिंह सिख साम्राज्य के अंतिम शासक थे। उन्होंने 1843 से 1849 ई. तक शासन किया। दलीप सिंह ने सिख धर्म छोड़कर ईसाई धर्म को अपनाया था। दलीप सिंह का निधन अक्टूबर 1893 ई. में पेरिस (फ्रांस) में हो गया था। इनकी अंत्येष्टि इंग्लैंड में हुई थी। ✍️ -पंजाब के ब्रिटिश साम्राज्य में विलय के बाद लॉर्ड डलहौजी ने 1849 ई. में पंजाब पर शासन करने के लिए तीन लोगों की एक परिषद का गठन किया था, जिसमें सर हेनरी लॉरेंस को अध्यक्ष तथा जॉन लॉरेंस और चार्ल्स ग्रेविल मानसेल को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। ✍️ - क्लाइव भारत में गवर्नर के पद पर 1757-60 ई. तथा 1765-1767 ई. तक रहा। इस दौरान उसने अवध के नवाब शुजाउद्दौला के साथ इलाहाबाद की संधि की। अंग्रेज सैनिकों का एक श्वेत विद्रोह उसके समय में हुआ था। क्लाइव द्वारा बंगाल में सफलतापूर्वक एक लुटेरा राज्य की स्थापना की गई। क्लाइव एक सैनिक के रूप में जननेता था। विलियम पिट का यह कथन है कि (क्लाइव) – वह स्वर्ग से उत्पन्न सेनानायक (A Heaven Born General) था। ✍️ -के.एम. पन्निकर ने कहा है कि 1765 से 1772 ई तक ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में डाकुओं का राज्य स्थापित कर दिया। वांडीवाश का युद्ध जनवरी, 1760 में अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य हुआ। इस युद्ध में फ्रांसीसी पराजित हुए। अंग्रेजी सेना के नेतृत्वकर्ता सर आयरकूट थे, जबकि फ्रांसीसी सेना के नेतृत्वकर्ता काउंट डी लाली थे। ✍️ - हैदराबाद के स्वतंत्र राज्य की स्थापना 1724 में चिनकिलिच खां (निजामुलमुल्क) ने की थी। अक्टूबर 1724 ई. में शूकरखेड़ा के युद्ध में दक्कन के मुगल गवर्नर मुबारिज खाँ के मारे जाने के बाद निजामुलमुल्क दक्कन का वास्तविक शासक बन गया था। ✍️ - 18वीं शताब्दी का सबसे श्रेष्ठ राजपूत राजा आमेर का सवाई जयसिंह था। उसने जयपुर शहर की स्थापना की तथा उसे विज्ञान और कला का केंद्र बनाया। जयसिंह एक महान खगोलशास्त्री भी था। उसने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, बनारस और मथुरा में आधुनिक उपकरणों से युक्त पर्यवेक्षण शालाएं बनवाई। लोगों को खगोलशास्त्र संबंधी पर्यवेक्षण में सहायता देने के लिए जयसिंह ने जिज मुहम्मदशाही नामक सारणियों का सेट तैयार किया था। उसने यूक्लिड की कृति रेखागणित के तत्व का संस्कृत में अनुवाद कराया था। जयसिंह ने अपने शासनकाल में दो अश्वमेघ यज्ञ कराए थे।